नई दिल्ली/रायपुर, 4 नवंबर 2025।
भारत सरकार के वित्त मंत्रालय (व्यय विभाग) ने आठवें केंद्रीय वेतन आयोग (8th Central Pay Commission) के गठन की औपचारिक घोषणा कर दी है। इस आयोग का उद्देश्य केंद्र सरकार के कर्मचारियों, रक्षा बलों और अखिल भारतीय सेवाओं से जुड़े कार्मिकों के वेतन, भत्तों, पेंशन और अन्य सुविधाओं की समीक्षा करना है।
आयोग की संरचना —
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अध्यक्ष: न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) रंजन प्रभा देसाई
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सदस्य (अंशकालिक): प्रो. पुलक घोष
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सदस्य-सचिव: श्री पंकज जैन
आयोग की मुख्य जिम्मेदारियां
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केंद्र सरकार के औद्योगिक और गैर-औद्योगिक कर्मचारियों, अखिल भारतीय सेवाओं, रक्षा बलों, संघ राज्य क्षेत्रों, न्यायिक अधिकारियों, उच्चतम और उच्च न्यायालयों के कर्मचारियों के वेतन, भत्तों, पेंशन और सुविधाओं की समीक्षा करना।
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सरकारी सेवा में प्रतिभाशाली उम्मीदवारों को आकर्षित करने और कार्य संस्कृति में दक्षता एवं उत्तरदायित्व बढ़ाने हेतु नया वेतन ढांचा तैयार करना।
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बोनस और उत्पादकता से जुड़ी योजनाओं की समीक्षा कर नए वित्तीय मापदंड सुझाना।
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विभिन्न भत्तों का तर्कसंगत युजनिकरण (rationalization) कर अनावश्यक भत्तों की संख्या कम करना।
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राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (NPS) और गैर-योगदान आधारित पेंशन योजनाओं की समीक्षा कर आवश्यक सुझाव देना।
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वेतन संरचना तय करते समय देश की आर्थिक स्थिति, राजकोषीय अनुशासन, राज्यों पर वित्तीय प्रभाव और सार्वजनिक उपक्रमों की स्थितियों को ध्यान में रखना।
रिपोर्ट और अवधि
आठवां वेतन आयोग अपने गठन की तारीख से 18 माह के भीतर अपनी अंतिम सिफारिशें देगा।
आयोग आवश्यकतानुसार अंतरिम रिपोर्ट (Interim Report) भी भेज सकता है।
इसका मुख्यालय नई दिल्ली में होगा।
सरकार का उद्देश्य
सरकार ने कहा है कि यह आयोग कर्मचारियों की जीवन गुणवत्ता सुधारने, सेवा में पारदर्शिता लाने और आर्थिक संतुलन बनाए रखने की दिशा में एक अहम कदम है।