कोरबा। पाली ब्लॉक के ग्राम पंचायत हरदीबाज़ार में इस वर्ष का भव्य मड़ाई मेला 19 से 22 दिसंबर तक भाटापारा में आयोजित किया जाएगा। यह मेला वर्षों से लोक संस्कृति, पारंपरिक खेल, ग्रामीण प्रतिभाओं और छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का जीवंत उत्सव माना जाता है। चार दिनों तक चलने वाले इस आयोजन में आसपास के गाँवों से बड़ी संख्या में लोगों के पहुँचने की उम्मीद है।
मड़ाई मेले की मुख्य विशेषताएँ
लोक संगीत व नृत्य: पारंपरिक गीतों और नृत्यों की रंगारंग प्रस्तुतियाँ।
स्थानीय व्यंजन: छत्तीसगढ़ी स्वाद से भरपूर देसी पकवानों का आनंद।
पारंपरिक खेल: ग्रामीण मनोरंजन और खेलों की रोमांचक प्रतियोगिताएँ।
आर्थिक अवसर: स्थानीय कारीगरों, दुकानदारों और व्यापारियों को बड़े मंच पर बिक्री का मौका।
ग्राम पंचायत की बैठक में मिली मंजूरी
मेले के आयोजन के लिए ग्राम पंचायत की बैठक में सर्वसम्मति से स्वीकृति दी गई। बैठक में सरपंच लोकेश्वर कंवर, गौंटिया मदनमोहन कंवर, उपसरपंच रेखा जायसवाल, साथ ही प्रदीप राठौर, उमेश राठौर, मेकमिलन राज, राकेश ओग्रे, नयन कुंवर ओड़, श्यामबाई, इंद्रा बाई मरावी, नेहा सतनामी और ममता ओग्रे सहित सभी पंच–प्रतिनिधि और ग्रामीण उपस्थित थे।
इस बार मेले में होगा खास आकर्षण
सांस्कृतिक कार्यक्रम: रंग-बिरंगे नृत्य, संगीत और नाटक,हस्तशिल्प प्रदर्शनी: स्थानीय कारीगरों द्वारा निर्मित उत्कृष्ट हस्तकला उत्पाद,पारंपरिक खानपान: देसी व्यंजनों और ग्रामीण स्वाद का लाजवाब अनुभव,खेल व मनोरंजन: बच्चों और युवाओं के लिए खास प्रतियोगिताएँ और गतिविधियाँ।
उत्सव का संदेश
हरदीबाज़ार का यह मड़ाई मेला सिर्फ एक आयोजन नहीं, बल्कि ग्रामीण परंपरा, सामाजिक एकजुटता और आर्थिक सशक्तिकरण का प्रतीक है। मेला न केवल संस्कृति को जीवंत रखता है, बल्कि समुदाय में नई ऊर्जा और उत्साह का संचार भी करता है।