पलारी, सिद्धेश्वर नगरी (गुरुवार)।
दत्तात्रेय जयंती के अवसर पर आज शाम पलारी स्थित प्राचीन सुप्रसिद्ध सिद्धेश्वर मंदिर में हर वर्ष की भाँति इस बार भी भव्य दीपोत्सव का आयोजन किया गया। हजारों दीपों की जगमगाहट से आलोकित परिसर में श्रद्धा और भक्ति का अद्भुत वातावरण देखने को मिला।
दत्तात्रेय जयंती से संबंधित कथा का पुराणों में विशेष महत्व बताया गया है। पुराणों के अनुसार माता अनुसूया के पतिव्रत, त्रिदेवों का बालरूप धारण करना तथा दत्तात्रेय अवतरण की कथा भक्तों में आस्था और श्रद्धा का मुख्य आधार है। श्रद्धालुओं ने इस पावन कथा के महत्व को स्मरण करते हुए जयंती का उत्सव मनाया और मंदिर परिसर में आध्यात्मिक माहौल बना रखा।
दीपोत्सव के दौरान मंदिर प्रांगण भजन-कीर्तन की मधुर धुनों से गूंज उठा। भक्तों ने दीप प्रज्वलन और आरती में सहभागिता कर आध्यात्मिक शांति और आनंद का अनुभव किया। स्थानीय तथा बाहरी क्षेत्रों से आए श्रद्धालुओं ने परिवार सहित पहुँचकर उत्सव को और भी भव्य बनाया।
मंदिर पुजारी गोस्वामी जी के मार्गदर्शन में सभी धार्मिक अनुष्ठान सम्पन्न हुए। इस अवसर पर भक्त गण सैम साहू, तुलसी साहू, दीपक तिवारी, संतोष वर्मा, भूरेलाल वर्मा सहित अनेक श्रद्धालु एवं सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित रहे और आयोजन में सक्रिय सहयोग प्रदान किया।
मंदिर समिति द्वारा सभी भक्तों को खीर-पूरी का प्रसाद वितरित किया गया।
हर वर्ष की तरह इस बार भी दीपोत्सव की उजास और भक्तों की आस्था ने प्राचीन सुप्रसिद्ध सिद्धेश्वर मंदिर को आध्यात्मिक उल्लास से भर दिया। आयोजन की सफलता में स्थानीय प्रशासन और स्वयंसेवकों का योगदान सराहनीय रहा।