बलौदाबाजार, 9 दिसम्बर 2025/ कलेक्टर एवं जिला साक्षरता मिशन प्राधिकरण के अध्यक्ष दीपक सोनी के मार्गदर्शन में राष्ट्रव्यापी साक्षरता महापरीक्षा का आयोजन 7 दिसम्बर को पूरे जिले में उत्साहपूर्वक संपन्न हुआ। इस महापरीक्षा की सबसे उल्लेखनीय बात यह रही कि बड़ी संख्या में सास–बहू, पति–पत्नी, सगी बहनें, देवरानी–जेठानी और परिवार के अन्य सदस्य एक साथ परीक्षा केंद्र पहुँचकर सीखने की इस पहल में सहभागी बने।
जिले में कुल 14,191 शिक्षार्थियों ने बुनियादी साक्षरता एवं संख्यात्मक ज्ञान मूल्यांकन परीक्षा में भाग लिया।
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642 परीक्षा केंद्रों में सुनियोजित व्यवस्था
जिला शिक्षा अधिकारी एवं सदस्य सचिव डॉ. संजय गुहे ने बताया कि जिले के सभी 642 परीक्षा केंद्रों पर प्रधानपाठक को केंद्राध्यक्ष की जिम्मेदारी दी गई तथा संबंधित संस्था के शिक्षकों को पर्यवेक्षण एवं मूल्यांकन कार्य सौंपा गया।
परीक्षा में शामिल शिक्षार्थियों ने
पढ़ना – 50 अंक
लिखना – 50 अंक
गणित – 50 अंक
कुल 150 अंकों की परीक्षा दी।
परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले सभी शिक्षार्थियों को स्कूल शिक्षा एवं साक्षरता विभाग तथा NIOS द्वारा प्रमाणपत्र प्रदान किया जाएगा।
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घर–घर जाकर दिया गया निमंत्रण
परीक्षा के आयोजन से पहले शिक्षकों, केंद्राध्यक्षों और स्वयंसेवी शिक्षकों ने गांवों में घर–घर जाकर
पीला चावल,
शिक्षार्थी पर्ची
देकर लोगों को परीक्षा में शामिल होने हेतु आमंत्रित किया।
महिला स्वसहायता समूह, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, मितानिन, छात्रावास के छात्र–छात्राएं तथा नेहरू युवा केंद्र ने शिक्षार्थियों को केंद्र तक पहुँचाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
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केंद्रों में आकर्षक व्यवस्था — स्वागत, रंगोली और सेल्फी पॉइंट
जिला परियोजना अधिकारी के.के. गुप्ता ने बताया कि सभी परीक्षा केंद्रों को आकर्षक तरीके से सजाया गया था।
प्रवेश द्वार पर रंगोली व सजावट
शिक्षार्थियों का तिलक लगाकर स्वागत
कई केंद्रों में मध्यान्ह भोजन समूह द्वारा भोजन व्यवस्था
कई स्कूलों में सेल्फी प्वाइंट भी बनाए गए
गांवों की दीवारों पर साक्षरता नारों का लेखन
परीक्षा केंद्रों पर जागरूकता पोस्टर–बैनर
जनभागीदारी से सजे इस वातावरण ने शिक्षार्थियों में विशेष ऊर्जा का संचार किया।
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साक्षरता के प्रति जागरूकता का शानदार उदाहरण
इस महापरीक्षा ने जिले में साक्षरता के प्रति बढ़ती जागरूकता, जनसहभागिता और पारिवारिक सहयोग का प्रेरक उदाहरण प्रस्तुत किया है। शिक्षा की इस रौशनी में परिवारों का एक साथ बैठकर सीखना, जिले को साक्षरता की नई दिशा की ओर ले जा रहा है।