कोरबा । जिले के स्व. प्यारे लाल कंवर शासकीय महाविद्यालय भैसमा में जनजातीय गौरव महोत्सव का भव्य आयोजन उत्साह, उमंग और पारंपरिक संस्कृति की रंगीन छटा के साथ सम्पन्न हुआ। पूरे परिसर में जनजातीय कला, विरासत और पर्यावरण-सुरक्षा की प्रेरणादायी झलक देखने को मिली।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि, वनवासी कल्याण आश्रम कोरबा के अध्यक्ष रघुराज सिंह उइके, ने जनजातीय समाज की गौरवशाली परंपराओं, प्राकृतिक जीवनशैली और सांस्कृतिक धरोहरों को संरक्षित रखने की आवश्यकता पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि जनजातीय संस्कृति प्रकृति के संरक्षण का सर्वोत्तम उदाहरण है, जिसे आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाना बेहद महत्वपूर्ण है।
विशिष्ट अतिथि वीरबल सिंह, लोक कला आयाम प्रमुख, ने महाविद्यालय द्वारा जनजातीय प्रतिभाओं को मंच प्रदान करने की पहल को सराहनीय बताया। उन्होंने कहा कि ऐसे कार्यक्रम युवाओं को अपनी जड़ों से जोड़ने के साथ-साथ पारिस्थितिक संतुलन की समझ भी विकसित करते हैं।
महोत्सव में विद्यार्थियों ने पारंपरिक नृत्य, लोकगीत, वाद्य यंत्र और जनजातीय झांकियों की मनमोहक प्रस्तुतियों से पूरे सभागार को मंत्रमुग्ध कर दिया। कार्यक्रम के माध्यम से प्रकृति-आधारित जीवन, जनजातीय विरासत और स्थानीय कला रूपों का अनोखा समन्वय प्रदर्शित किया गया।
आयोजन को सफल बनाने में संयोजक पुष्पराज सिंह ठाकुर, सचिव दीपक सिंह, संयोजक मंडल और प्राचार्य डॉ. साधना खरे का महत्वपूर्ण योगदान रहा।
जनजातीय गौरव महोत्सव ने न केवल सांस्कृतिक उत्सव का माहौल बनाया, बल्कि परंपराओं, प्रकृति-संरक्षण और सांस्कृतिक सम्मान का सशक्त संदेश देकर महाविद्यालय को एक अनोखी पहचान प्रदान की।