बालोतरा। पंचायत समिति बालोतरा के प्रधान पद को लेकर लंबे समय से चल रहे विवाद में आज एक बार फिर टकराव की स्थिति सामने आई। हाईकोर्ट से मिले आदेश के बाद भगवतसिंह अपने समर्थकों के साथ सुबह पंचायत समिति कार्यालय पहुंचे, लेकिन उन्हें पदभार ग्रहण नहीं करने दिया गया।
जानकारी के अनुसार, भगवतसिंह करीब सुबह 11 बजे कार्यालय पहुंचे और दस्तावेज़ों के साथ पदभार ग्रहण करने की तैयारी की, किंतु संबंधित अधिकारियों की ओर से कोई स्पष्ट व्यवस्था नहीं की गई। इसके चलते वे करीब एक घंटे तक कार्यालय परिसर के बाहर ही इंतजार करते रहे।
इस दौरान पूर्व विधायक मदन प्रजापत भी वहां पहुंचे और भगवतसिंह के समर्थन में खड़े रहे। उन्होंने प्रशासन पर आरोप लगाया कि जानबूझकर हाईकोर्ट के आदेश की अवहेलना की जा रही है, जो न्यायपालिका की गरिमा के साथ खिलवाड़ है।
भगवतसिंह ने कहा— “हाईकोर्ट ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि मुझे प्रधान पद का कार्यभार सौंपा जाए, लेकिन यहां मनमाने रवैये और हठधर्मिता के चलते आदेशों की अनदेखी की जा रही है। यह लोकतंत्र और न्याय व्यवस्था के लिए चिंता का विषय है।”
मौके पर मौजूद समर्थकों का भी कहना था कि अदालत के आदेश के बावजूद पदभार प्रक्रिया में देरी प्रशासन की मिलीभगत का नतीजा है। स्थिति को देखते हुए वहां माहौल तनावपूर्ण रहा, हालांकि पुलिस बल की मौजूदगी से स्थिति नियंत्रण में रही।
सूत्रों के अनुसार, इस मामले में अब जिला प्रशासन से स्पष्टीकरण मांगा जा सकता है और यदि आदेश की पालना नहीं हुई तो इसे अवमानना याचिका के तहत अदालत में उठाया जा सकता है।