बालाघाट में नक्सल मोर्चे पर बड़ी सफलता — ₹14 लाख इनामी महिला नक्सली सुनीता ने किया आत्मसमर्पण!

TEJASWI NATH SONI

November 6, 2025

मध्यप्रदेश के नक्सल प्रभावित बालाघाट जिले से रविवार को मिली बड़ी खबर ने सुरक्षा एजेंसियों और प्रशासन को राहत दी है।
₹14 लाख इनामी महिला नक्सली सुनीता ने हॉक फोर्स (Anti-Naxal Unit, MP Police) के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया है।


🔫 कौन है सुनीता?

सुनीता प्रतिबंधित संगठन कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (माओवादी) की सक्रिय सदस्य थी
और एनएमसी जोन प्रभारी रामदेर की सशस्त्र गार्ड के रूप में काम कर रही थी।
वह लंबे समय से छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र और मध्यप्रदेश पुलिस के रडार पर थी
और तीनों राज्यों की संयुक्त सूची में “मोस्ट वॉन्टेड नक्सली” घोषित की गई थी।
उस पर कुल ₹14 लाख का इनाम घोषित था।


📍 कैसे हुआ आत्मसमर्पण?

1 नवम्बर 2025 को सुनीता ने मध्यप्रदेश पुलिस की हॉक फोर्स के सहायक कमांडर रूपेंद्र धुर्वे के सामने औपचारिक रूप से आत्मसमर्पण किया।
सूत्रों के अनुसार, सुनीता के पास INSAS राइफल थी और वह 2022 से माओवादी गतिविधियों में सक्रिय थी।

आत्मसमर्पण के समय उसने कहा कि —

“अब मैं हिंसा छोड़कर शांति का रास्ता अपनाना चाहती हूँ। मैंने देखा कि नक्सलवाद से केवल विनाश होता है, विकास नहीं।”


💰 सरकार से मिला प्रोत्साहन और इनाम

मध्यप्रदेश सरकार की नक्सल आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति के तहत,
सुनीता को तुरंत ₹50,000 नकद सहायता,
INSAS राइफल जमा कराने पर ₹3,50,000,
और तीन मैगजीन के लिए ₹10,000,
इस प्रकार कुल ₹4,10,000 रुपये की तत्काल राशि प्रदान की गई है।

आगामी महीनों में उसे —

  • ₹14 लाख का घोषित इनाम,

  • ₹1.5 लाख आवास हेतु,

  • ₹20 लाख पुनर्वास व व्यवसाय सहायता राशि,
    भी प्रदान की जाएगी।


🪖 पुलिस का बयान

हॉक फोर्स कमांडर ने कहा —

“सुनीता का आत्मसमर्पण माओवादी नेटवर्क पर एक बड़ा झटका है।
यह इस बात का संकेत है कि अब नक्सलवाद की पकड़ कमजोर हो रही है और लोग मुख्यधारा में लौटना चाहते हैं।”


🌿 पुनर्वास का नया अध्याय

अब सुनीता मध्यप्रदेश सरकार की पुनर्वास योजना के तहत सामान्य जीवन की ओर लौटेगी।
उसे सामाजिक पुनर्वास, शिक्षा और आजीविका के अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे।
सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि यह कदम अन्य सक्रिय नक्सलियों के लिए भी प्रेरणा बनेगा।

सह संपादक

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