
पलारी, बलौदा बाजार (छ.ग.) – प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) का उद्देश्य गरीबों को अपना घर देना है, लेकिन बलौदा बाजार जिले के पलारी जनपद में योजना में गंभीर फर्जीवाड़े की खबर सामने आई है। लटेरा और सुंदरी (स) क्षेत्र में तकनीकी सहायकों और स्थानीय अधिकारियों की मिलीभगत से बिना निर्माण कार्य किए आवास की किश्तें जारी की जा रही हैं।
जमीनी जांच में यह सामने आया कि हितग्राही सावित्री बाई और रामरेखा के नाम पर स्वीकृत आवास स्थलों पर न तो नींव डाली गई और न ही निर्माण कार्य हुआ। इसके बावजूद दूसरी किश्त तक राशि उनके खातों में जमा कर दी गई।
आवास मित्र सोहन लाल खूँटे ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया कि सुंदरी (स) ग्राम पंचायत की आवास से संबंधित जियो टैग मामले की जानकारी सी.ई.ओ. ,ए.डी.ओ. , और डी.ई. को दी थी।
सोहन लाल के अनुसार 13 सितंबर 2025 को निरीक्षण के दौरान 8 लोगों के जियो टैग संदिग्ध पाए गए। इनमें से तीन का घर निर्माण प्रारंभिक स्थिति में था, लेकिन राशि उनके खातों में जमा कर दी गई। सोहन लाल ने यह भी कहा कि उनके और उनके भाई राजेंद्र खूँटे के खिलाफ झूठे बयानों के माध्यम से फंसाने का प्रयास किया जा रहा है।
ग्रामीणों ने बताया कि उन्होंने कई बार लिखित और मौखिक शिकायतें की, लेकिन सरकारी तंत्र निष्क्रिय रहा। जनता में यह भावना प्रबल है कि तब तक भ्रष्टाचार नहीं रुकेगा जब तक उच्चाधिकारियों से सख्त निर्देश नहीं आते।
प्रधानमंत्री आवास योजना में “जीरो टेकिंग” एक महत्वपूर्ण चरण है। तकनीकी सहायकों द्वारा मोबाइल ऐप के माध्यम से निर्माण स्थल की तस्वीरें अपलोड की जाती हैं। आरोप है कि घोटाले में अधिकारी खाली जमीन या किसी और के मकान की फोटो लाभार्थी के नाम से अपलोड कर किश्तें जारी कर देते हैं, जबकि जमीन पर एक ईंट भी नहीं रखी जाती।
यह फर्जीवाड़ा न केवल योजना की विश्वसनीयता पर प्रश्नचिह्न लगाता है, बल्कि गरीब हितग्राहियों के साथ अन्याय भी करता है। ग्रामीण और सामाजिक संगठन मुख्यमंत्री, कलेक्टर और संबंधित विभागों से मांग कर रहे हैं कि पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच की जाए, दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो और वास्तविक हितग्राहियों को उनका घर शीघ्र उपलब्ध कराया जाए।
सोहन लाल खूँटे की शिकायत और ग्रामीणों की जानकारी यह दिखाती है कि पलारी जनपद में PMAY की प्रक्रिया में गड़बड़ी और भ्रष्टाचार व्यापक रूप से फैला हुआ है। अब यह देखना बाकी है कि प्रशासन इस फर्जीवाड़े पर कब कार्रवाई करता है और गरीबों का “घर का सपना” कब पूरा होता है।
सरकार और प्रशासन को तुरंत कदम उठाने चाहिए “