रिकोकला। बारनवापारा क्षेत्र के कांग्रेस नेता संजीव ठाकुर जिला सचिव आदिवासी कांग्रेस बलौदा बाजार ने कहा कि समर्थन मूल्य पर धान बेचना इस बार पूरे कसडोल ब्लॉक के इलाके में किसानों के लिए चुनौती बन गई है। बार अंचल व वनाँचल के गांव के किसानों की मानें तो समिति में धान बेचने के लिए उन्हें मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। उनके मुताबिक, तुंहर एप पर टोकन लेने की प्रक्रिया सबसे बड़ी समस्या है।
संजीव ठाकुर ने कहा कि पोर्टल पर रोज केवल तीन मिनट ही टोकन कटता है। इसके बाद किसानों के टोकन नहीं कट रहे। इस वजह से वे करीब हफ्तेभर से प्रेशान हैं। उधर, पोर्टल पर अपलोड डेटा में भी काफी गड़बड़ी है। इसमें सुधार के लिए किसान तहसीलदार और पटवारियों के चक्कर काटते अलग परेशान हैं। बार अंचल के किसान ने बताया कि उनके बेटे ने 20 नवंबर को तुंहर एप से टोकन लेने की कोशिश की, लेकिन सफलता नहीं मिली।अन्य किसानों ने बताया कि यह परेशानी केवल एक गांव की नहीं है। पूरे बलौदाबाजार जिले में स्थिति यही है। तुहर एप रोज सुबह 8 बजे टोकन जारी करता है, लेकिन 3 से 5 मिनट में सभी समितियों के टोकन खत्म हो जाते हैं। जिन किसानों के पास तेज इंटरनेट नहीं है या एप लॉग-इन में थोड़ी देर हो जाती है, उनके हाथ निराशा लगती है।