बलौदाबाजार -: पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना का लाभ अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने और आपसी समन्वय को बेहतर बनाने के उद्देश्य से बुधवार, 8 अक्टूबर 2025 को जिला पंचायत सभाकक्ष में एक हितग्राही परिचर्चा का आयोजन किया गया। इस परिचर्चा में जिला पंचायत अध्यक्ष आकांक्षा जायसवाल और कलेक्टर दीपक सोनी सहित सीएसपीडीसीएल के अधिकारी, वेंडर और हितग्राही शामिल हुए।
कलेक्टर श्री सोनी ने इस योजना को जनहितैषी और पर्यावरण संरक्षण में सहायक बताते हुए अधिक से अधिक लोगों को इसका फायदा उठाने के लिए प्रेरित किया।
इंजिनियरों और वेंडरों को बेहतर तालमेल के निर्देश
कलेक्टर श्री सोनी ने सीएसपीडीसीएल के इंजीनियरों को निर्देश दिया कि वे सोलर पैनल वेंडरों और हितग्राहियों के साथ निरंतर संपर्क बनाए रखें। उन्होंने किसी भी समस्या के तुरंत और उचित निराकरण पर ज़ोर दिया।
इसके अतिरिक्त, कलेक्टर ने सोलर पैनल स्थापित करने वाले वेंडरों की रैकिंग लिस्ट बनाने के लिए कहा, ताकि लोग अच्छे कार्य करने वाले वेंडरों की पहचान कर सकें। उन्होंने अच्छा काम करने वाले वेंडरों को सम्मानित कराने की भी बात कही। कलेक्टर ने वेंडरों की समस्याओं और सुझावों को सुनकर अधिकारियों को उचित निराकरण करने के निर्देश दिए।
लोन लेने वाले हितग्राहियों के लिए बैंक समन्वय
कलेक्टर ने लीड बैंक मैनेजर को निर्देश दिए कि वे लोन लेने के इच्छुक हितग्राहियों को बैंकों से लोन लेने में किसी प्रकार की दिक्कत न हो, इसके लिए आवश्यक समन्वय स्थापित करें।
हितग्राहियों ने साझा किए अनुभव
परिचर्चा के दौरान कुछ हितग्राहियों ने अपने अनुभव भी साझा किए:
नीलकंठ साहु (बलौदाबाजार) ने बताया कि लगभग 3 माह पहले योजना के तहत सोलर पैनल लगवाने के बाद उनका बिजली बिल जो पहले ₹1500 से ₹1700 तक आता था, अब मुश्किल से ₹50-60 ही आ रहा है।
भुवन सिंह ठाकुर ने भी बताया कि पहले उनका बिजली बिल ₹3500 आता था, लेकिन अब वह बहुत कम हो गया है।
सब्सिडी और लक्ष्य की स्थिति
जिले को इस योजना के तहत 12,000 हितग्राहियों के घर में सोलर पैनल लगाने का लक्ष्य मिला है। इसके विरुद्ध अब तक 1,700 आवेदन प्राप्त हुए हैं और 331 हितग्राहियों के घर में सोलर पैनल स्थापित किया जा चुका है।
योजना के तहत उपभोक्ताओं को आकर्षक सब्सिडी का प्रावधान है:
केंद्र सरकार द्वारा 1 किलोवाट पर ₹30,000, 2 किलोवाट पर ₹60,000, और 3 किलोवाट से 10 किलोवाट तक के संयंत्र पर अधिकतम ₹78,000 की सब्सिडी दी जा रही है।
छत्तीसगढ़ शासन ने भी उपभोक्ताओं को अतिरिक्त ₹30,000 की सब्सिडी देने का निर्णय लिया है।
इस प्रकार, 3 किलोवाट तक के संयंत्र पर केंद्र की ₹78,000 और राज्य की ₹30,000 की दोहरी सब्सिडी उपलब्ध है।
योजना को और सुगम बनाने के लिए 20 से अधिक बैंक और वित्तीय संस्थान छह से सात प्रतिशत की ब्याज दर पर सोलर लोन भी उपलब्ध करा रहे हैं, जिसके अंतर्गत परियोजना लागत का 90 प्रतिशत तक वित्तपोषण संभव है
बहुत अच्छा
समाज के लिए प्रेरणादायक पहल