“न्याय की नींव सत्य, समानता और निष्पक्षता पर आधारित” — मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति रमेश सिन्हा

TEJASWI NATH SONI

November 22, 2025

जिला न्यायालय परिसर में ‘विधि के शासन’ विषय पर महत्वपूर्ण सेमिनार का आयोजन

 

बलौदाबाजार, 22 नवम्बर 2025।

जिला अधिवक्ता संघ बलौदाबाजार द्वारा शुक्रवार को जिला न्यायालय परिसर में “विधि के शासन: न्याय की आधारशिला” विषय पर एक महत्त्वपूर्ण सेमिनार का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति रमेश सिन्हा मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उनके साथ न्यायमूर्ति रजनी दबे, न्यायमूर्ति राकेश मोहन पाण्डेय एवं न्यायमूर्ति बिभू दत्त गुरु भी शामिल हुए। सेमिनार का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ हुआ।

 

कानून सर्वोपरि, किसी के लिए अपवाद नहीं – मुख्य न्यायाधीश सिन्हा

 

मुख्य न्यायाधीश ने अपने प्रभावशाली उद्बोधन में कहा कि भारतीय लोकतंत्र की सबसे बड़ी शक्ति है—

“देश में कानून सर्वोच्च है, कोई भी व्यक्ति, संस्था या पद कानून से ऊपर नहीं।”

 

उन्होंने कहा कि Rule of Law ही समाज के कमजोर वर्गों—महिलाओं, बच्चों, वरिष्ठ नागरिकों, पीड़ितों एवं विचाराधीन बंदियों—को सुरक्षा प्रदान करता है। यह समानता, पारदर्शिता और जवाबदेही की बुनियाद है।

न्यायमूर्ति सिन्हा ने कहा:

“न्यायपालिका, अधिवक्ता और अभियोजन—ये तीनों मिलकर न्याय व्यवस्था की नींव को मजबूत बनाते हैं।”

 

अधिवक्ता: न्याय की यात्रा का पहला पड़ाव

 

मुख्य न्यायाधीश ने अधिवक्ताओं की भूमिका पर विशेष जोर देते हुए कहा कि आम नागरिक सबसे पहले अधिवक्ता के पास ही न्याय की उम्मीद लेकर जाता है।

उन्होंने कहा:

“अधिवक्ता केवल वकील नहीं, बल्कि न्याय के वाहक और संविधान के प्रहरी हैं।”

उन्होंने अधिवक्ताओं को अपने दायित्व—मुकदमों से आगे बढ़कर समाज एवं न्यायालय के प्रति ईमानदारी—निष्ठा और जिम्मेदारी के साथ निभाने की प्रेरणा दी।

 

डिजिटल न्यायालय—भविष्य की दिशा

 

न्यायमूर्ति सिन्हा ने वर्तमान समय में अदालतों में तकनीकी उपयोग की आवश्यकता पर जोर दिया।

उन्होंने कहा कि —

 

डिजिटल कोर्ट

 

ई-फाइलिंग

 

वर्चुअल सुनवाई

न्याय प्रक्रिया को और अधिक सशक्त, पारदर्शी और सुगम बना रही हैं।

उन्होंने अधिवक्ताओं से तकनीक अपनाने और सीखने को प्राथमिकता देने का आग्रह किया।

 

 

न्यायमूर्तियों ने दिए विचार

 

न्यायमूर्ति रजनी दबे, राकेश मोहन पाण्डेय एवं बिभू दत्त गुरु ने Rule of Law के विभिन्न आयामों—नैतिकता, पारदर्शिता, नागरिक अधिकार और न्यायिक प्रक्रिया—पर अपने विचार व्यक्त किए।

 

कार्यक्रम का संचालन

 

स्वागत भाषण: वरिष्ठ अधिवक्ता भूपेंद्र ठाकुर

 

धन्यवाद ज्ञापन: मोहम्मद शारिक खान, अध्यक्ष – जिला अधिवक्ता संघ

 

विशेष उपस्थिति: रजिस्ट्रार जनरल राजनीश श्रीवास्तव, पी.पी.एस. सुब्रमण्यम स्वामी, प्रोटोकॉल अधिकारी रविंद्र सिंह नेगी

 

बड़ी संख्या में अधिवक्ता, न्यायिक अधिकारी, न्यायालयीन कर्मचारी एवं मीडिया प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

District Bureau Chief BALODA BAZAR

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