ONLINE नक्शा हटाने रकबा घटाने बढ़ाने में माहिर “नयन” निर्वाचन शाखा में अब तक क्यों?
SDM कार्यालय के चन्दर ही नहीं निर्वाचन शाखा के नयन भी चर्चा में ?
पिथौरा के निर्वाचन शाखा में संलग्न सहायक ग्रेड-03 नयन देवांगन को उनके मूल पदस्थापना स्थान *शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, गोड़बहाल, विकासखंड* पिथौरा में कार्यमुक्त करने के आदेश काफी समय पूर्व जारी कर दिए गए हैं। बावजूद इसके, प्रशासनिक प्रक्रिया अनुसार उनका अनुलापन अब तक नहीं हो पाया है। इस लंबित स्थिति ने न केवल विभागीय कार्यों की गति को प्रभावित किया है, बल्कि संबंधित कर्मचारियों में असंतोष भी बढ़ता जा रहा है।
सूत्रों के अनुसार, कार्यमुक्ति आदेश जारी होने के बावजूद औपचारिक अनुपालन में हो रही देरी के कारण विद्यालय प्रबंधन और निर्वाचन कार्यालय दोनों ही स्तरों पर कार्य प्रभावित हो रहे हैं। विद्यालय में स्टाफ की कमी के चलते शिक्षण कार्य बाधित होने की आशंका जताई जा रही है, वहीं निर्वाचन कार्यालय में भी उचित मानव संसाधन की उपलब्धता बाधित मानी जा रही है।
निर्वाचन दायित्वों के तहत की गई थी संलग्नता
विधानसभा निर्वाचन 2023-24 के मद्देनजर प्रशासन ने 3 जुलाई 2023 को एक आदेश जारी कर नयन देवांगन को निर्वाचन कार्यालय, पिथौरा में अस्थायी संलग्नता प्रदान की थी। उक्त व्यवस्था चुनावी कार्यों की तात्कालिक आवश्यकताओं को देखते हुए की गई थी, ताकि निर्वाचन से संबंधित दायित्वों का निर्वहन बिना किसी अवरोध के हो सके।
निर्वाचन प्रक्रिया पूर्ण होने के पश्चात सहायक ग्रेड-03 नयन देवांगन को उनके मूल विद्यालय लौटाने हेतु कार्यमुक्ति आदेश जारी किया गया था। हालांकि, आदेश लागू न होने से यह मामला अब प्रशासनिक लापरवाही के तौर पर भी देखा जा रहा है।
विवादों में भी रहा नाम, सूत्रों के दावे गंभीर
सूत्रों द्वारा यह भी आरोप लगाया गया है कि नयन देवांगन के खिलाफ पूर्व में ऑनलाइन नक्शा हटाने, रकबा घटाने-बढ़ाने से जुड़े कार्यों में संलिप्तता की चर्चाएँ रही हैं।
तहसील कार्यालय में संलग्न रहते हुए उनके द्वारा तकनीकी प्रक्रियाओं में हस्तक्षेप की जानकारी सामने आने का दावा भी किया गया है।
इसके अतिरिक्त, चर्चित जाड़मुड़ा कांड में भी भूमिका के रूप में नाम सामने आ रहा है।
सूत्रों का कहना है कि मामले की संवेदनशीलता और जटिलता के कारण उनकी संलिप्तता से इनकार नहीं किया जा सकता।
*जाड़ामुडा काण्ड के पुनः जांच की मांग
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शायद यही कारण है कि जाड़मुड़ा कांड की पुनः जांच की मांग भी तेज़ होती दिखाई दे रही है। हालांकि, इन आरोपों की अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
जिला शिक्षा अधिकारी ने भाजपा मण्डल कोषाध्यक्ष राजेश चौधरी के पत्र पर संज्ञान लेकर 5 माह पूर्व जारी किया गया आदेश जो कि गोडबहाल हाईस्कूल वापिस भेजने हेतु था परन्तु आज तक नहीं हटाया गया आदेश और पत्र भी बेअसर रहा, यहां प्रशानिक आदेश की धज्जियां उड़ा रहे हैं।