सक्ती,
सक्ती जिले में नवपदस्थ पुलिस अधीक्षक आईपीएस प्रफुल्ल ठाकुर ने मंगलवार को पदभार ग्रहण किया। पदभार संभालने के पश्चात उन्होंने जिले के पत्रकारों से मुलाकात की और स्थानीय मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की।
श्री ठाकुर ने बताया कि वे 2015 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं और सक्ती जिले में पदस्थापना से पूर्व राजनांदगांव, कोरिया एवं महासमुंद जिलों में पुलिस अधीक्षक के रूप में कार्य कर चुके हैं। इसके अलावा उन्होंने रायगढ़ में एडिशनल एसपी तथा मुख्यमंत्री सुरक्षा दल में भी अपनी सेवाएं दी हैं।
“सक्ती एक नया जिला, चुनौतियां भी नई” – एसपी ठाकुर
नवपदस्थ पुलिस अधीक्षक ने कहा कि सक्ती जिला बाम्बे-हावड़ा रेल मार्ग के समीप स्थित है तथा इसके आस-पास कोरबा, रायगढ़ और बिलासपुर जैसे औद्योगिक जिले हैं, जिससे इसका सामरिक और औद्योगिक महत्व और बढ़ जाता है।
उन्होंने कहा —
“मैं उपलब्ध संसाधनों के बीच रहते हुए जिले की पुलिसिंग व्यवस्था को और बेहतर बनाने का प्रयास करूंगा। कानून व्यवस्था, महिला सुरक्षा और सायबर अपराधों से बचाव के लिए जागरूकता अभियान चलाना मेरी प्राथमिकता होगी।”
छत्तीसगढ़ी में संवाद, आमजनों से सीधा जुड़ाव
एसपी ठाकुर ने बताया कि वे स्वयं छत्तीसगढ़ मूल निवासी हैं और आम जनता से बेहतर संवाद के लिए छत्तीसगढ़ी में बातचीत करना पसंद करते हैं। उन्होंने कहा —
“मैं संयुक्त परिवार से हूं और मानता हूं कि परिवार और समाज दोनों को जोड़ने वाली कड़ी संवाद है, इसी तरह पुलिसिंग में भी जनता से जुड़ाव जरूरी है।”
गार्ड ऑफ ऑनर और स्वागत समारोह
आज सुबह पुलिस अधीक्षक कार्यालय, जेठा पहुंचने पर श्री ठाकुर को गार्ड ऑफ ऑनर प्रदान किया गया। इसके बाद अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक हरीश यादव, डीएसपी अंजलि गुप्ता, एसडीओपी चंद्रपुर सुमित गुप्ता, रक्षित निरीक्षक उमेश राय, एवं निरीक्षक वाई. एन. शर्मा सहित अन्य पुलिस अधिकारियों ने पुष्पगुच्छ भेंट कर उनका स्वागत किया।
थाना प्रभारियों की बैठक और सख्त निर्देश
पदभार ग्रहण के उपरांत एसपी ठाकुर ने जिले के राजपत्रित अधिकारियों एवं थाना/चौकी प्रभारियों की परिचयात्मक बैठक ली।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि —
-
थाना में आने वाले फरियादियों से सम्मानजनक व्यवहार करें।
-
सामुदायिक एवं बेसिक पुलिसिंग को मजबूत करें।
-
अपराधियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करें।
तेज-तर्रार और सख्त कार्यशैली के लिए प्रसिद्ध
आईपीएस प्रफुल्ल ठाकुर अपनी तेज-तर्रार और अनुशासित कार्यशैली के लिए जाने जाते हैं। कानून व्यवस्था और अपराध नियंत्रण में उनकी मजबूत पकड़ के कारण जिले में उम्मीद की जा रही है कि सक्ती की पुलिस व्यवस्था पहले से और अधिक सुदृढ़ होगी।