धान खरीदी हेतु केन्द्र प्रभारी और कंप्यूटर ऑपरेटर को दिया गया आवश्यक प्रशिक्षण — सतर्कता एवं तत्परता से दायित्व निर्वहन के निर्देश

TEJASWI NATH SONI

November 16, 2025

धान खरीदी हेतु केन्द्र प्रभारी और कंप्यूटर ऑपरेटर को दिया गया आवश्यक प्रशिक्षण — सतर्कता एवं तत्परता से दायित्व निर्वहन के निर्देश

बलौदाबाजार, 16 नवम्बर 2025/
खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में सहकारी समिति कर्मचारियों की हड़ताल के बीच समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की प्रक्रिया को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए जिले में नियुक्त नए केन्द्र प्रभारी एवं कंप्यूटर ऑपरेटरों को जिला ऑडिटोरियम में एक दिवसीय विशेष प्रशिक्षण प्रदान किया गया।

इस प्रशिक्षण में ऑनलाइन धान खरीदी सॉफ्टवेयर संचालन, टोकन प्रक्रिया, बरदाना उपलब्धता, खरीदी लिमिट, किसान पंजीयन सत्यापन आदि सभी बिंदुओं की बारीक जानकारी दी गई।


कलेक्टर दीपक सोनी ने दिए कड़े निर्देश—“लापरवाही पर होगी कार्रवाई”

प्रशिक्षण सत्र को संबोधित करते हुए कलेक्टर दीपक सोनी ने कहा कि धान खरीदी एक वार्षिक महत्त्वपूर्ण प्रक्रिया है, जिसमें किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार्य नहीं है।
उन्होंने बताया कि—

  • सभी उपार्जन केंद्रों में RAEO और पटवारियों को केन्द्र प्रभारी नियुक्त किया गया है।

  • नए कंप्यूटर ऑपरेटरों की तैनाती कर दी गई है।

  • प्रत्येक 10 उपार्जन केंद्रों के लिए एक मेंटर अधिकारी नियुक्त किया गया है, जिन्हें केंद्र प्रभारी व ऑपरेटर किसी भी समस्या पर सीधे संपर्क कर सकते हैं।

  • धान खरीदी को अति आवश्यक सेवा घोषित किया गया है, इसलिए कार्य से इंकार करने वाले अधिकारियों/कर्मचारियों पर ESMA के तहत कार्रवाई की जाएगी।

कलेक्टर ने धान खरीदी में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए उड़नदस्ता दल का गठन और 12 सक्रिय चेक पोस्ट स्थापित किए जाने की जानकारी भी दी।


सॉफ्टवेयर आधारित प्रशिक्षण — पूरी प्रक्रिया समझाई गई

प्रशिक्षण के दौरान अधिकारियों और ऑपरेटरों को सॉफ्टवेयर के माध्यम से—

  • किसानों की आवक पंजीकरण

  • टोकन जनरेट करना

  • टोकन का प्रिंट व संशोधन

  • बरदाना प्राप्ति एवं वितरण

  • धान की आवक का निर्बाध रिकॉर्ड
    इन सभी की विस्तृत जानकारी प्रायोगिक तरीके से दी गई।

प्रशिक्षण दल ने बताया कि सॉफ्टवेयर के सही संचालन से धान खरीदी प्रक्रिया में पारदर्शिता और गति दोनों सुनिश्चित होती हैं।


प्रशासन का जोर—प्रक्रिया सुचारू, पारदर्शी और किसान हित में हो

जिला प्रशासन ने निर्देश दिए हैं कि सभी केंद्र प्रभारी और ऑपरेटर—

  • समय पर केंद्र पहुंचें

  • किसानों के कार्य में देरी न होने दें

  • सही तरीके से धान की गुणवत्ता और आवक का रिकॉर्ड रखें

  • किसी भी समस्या को तत्काल मेंटर अधिकारी को सूचित करें

प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य खरीदी प्रक्रिया में पारदर्शिता, गति और अनुशासन बढ़ाना है, ताकि जिले के सभी किसानों को समय पर और सुगमता से धान बेचने की सुविधा मिल सके।

सह संपादक

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