01 दिसम्बर 2025
जिले में लगातार बढ़ रहे साइबर अपराध और वित्तीय धोखाधड़ी पर प्रभावी नियंत्रण के उद्देश्य से सोमवार को पुलिस कार्यालय सभाकक्ष बलौदाबाजार में महत्वपूर्ण बैंक–पुलिस समन्वय बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता पुलिस अधीक्षक श्रीमती भावना गुप्ता ने की, जिसमें जिले के सभी राष्ट्रीयीकृत, निजी एवं ग्रामीण सहकारी बैंक शाखाओं के प्रबंधक उपस्थित रहे।
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साइबर क्राइम रोकथाम पर कड़े निर्देश
बैठक में SP भावना गुप्ता ने स्पष्ट कहा कि साइबर अपराधों की रोकथाम और अपराधियों की गिरफ्तारी में बैंक प्रबंधन की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है।
उन्होंने कहा—
> “बैंक से जानकारी मिलने में जितनी देरी होती है, अपराधी के फरार होने की संभावना उतनी ही बढ़ जाती है।”
इसलिए बैंक प्रबंधकों को निर्देश दिए गए कि:
साइबर प्रकरणों में मांगी गई सभी जानकारी त्वरित रूप से पुलिस को उपलब्ध कराएं।
होल्ड राशि या कोर्ट के आदेशों पर तत्काल कार्रवाई करें, अन्यथा इसे न्यायालय अवमानना के रूप में माना जा सकता है।
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म्यूल अकाउंट रोकथाम पर विशेष फोकस
बैठक में स्पष्ट निर्देश दिए गए कि:
कोई भी नया बैंक खाता खोलने से पहले कठोर सत्यापन, वैध दस्तावेजों की जांच, तथा आवेदक से प्रारंभिक पूछताछ अनिवार्य हो।
खाता धारकों को म्यूल अकाउंट (फर्जी/दूसरों द्वारा उपयोग हेतु दिया गया खाता) बनने के जोखिम और कानूनी परिणामों के बारे में जागरूक किया जाए।
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बैंक सुरक्षा व्यवस्था पर भी दिए निर्देश
पुलिस अधीक्षक ने बैंक परिसर में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के लिए कहा:
सीसीटीवी कैमरों की सतत मॉनिटरिंग
योग्य सुरक्षा गार्ड की उपस्थिति
पार्किंग एवं यातायात व्यवस्था का समुचित प्रबंधन
साथ ही बैंक प्रबंधकों से आग्रह किया गया कि बैंक आने वाले ग्राहकों—विशेषकर दोपहिया वाहनों से आने वालों—को हेलमेट पहनने हेतु प्रेरित करें।
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आपसी समन्वय—अपराध रोकथाम की कुंजी
बैठक का मुख्य उद्देश्य था—
बैंक और पुलिस के बीच तकनीकी एवं कार्यप्रणाली संबंधी दिक्कतों को दूर करना,
त्वरित सूचना आदान–प्रदान सुनिश्चित करना,
साइबर अपराध पर त्वरित कार्रवाई को और मजबूत बनाना।
बैठक में जिले के सभी बैंक प्रबंधकों ने पुलिस विभाग के साथ समन्वय और सहयोग बढ़ाने का आश्वासन दिया।