
रिपोर्टर टेकराम कोसले
गिरौदपुरी, जिला बलौदाबाज़ार/छत्तीसगढ़।
जिला स्तरीय बेसिक स्काउट मास्टर एवं गाइड कैप्टन प्रशिक्षण शिविर का आयोजन गिरौदपुरी धाम में 18 नवंबर से 24 नवंबर तक किया जा रहा है। स्काउटिंग के इस महत्वपूर्ण प्रशिक्षण शिविर में प्रतिदिन विभिन्न अनुशासनात्मक एवं शिक्षण गतिविधियाँ संचालित हो रही हैं।
चतुर्थ दिवस का शुभारंभ शारीरिक व्यायाम के साथ
प्रशिक्षण शिविर के चतुर्थ दिवस की शुरुआत बी.पी. सिक्स व्यायाम से की गई। इसके बाद श्रमदान, नाश्ता, कक्ष निरीक्षण एवं ध्वज शिष्टाचार जैसी नियमित गतिविधियाँ संपन्न हुईं। सुबह के सत्र में स्काउटिंग के विभिन्न प्रायोगिक एवं सैद्धांतिक शिक्षण कराए गए।
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जिला पदाधिकारियों का हुआ आगमन
शिक्षण सत्र के मध्य में जिले के वरिष्ठ पदाधिकारी प्रशिक्षण शिविर में पहुँचे।
आगमन पर शिविर में उपस्थित प्रतिभागियों ने तालियों की गड़गड़ाहट से उनका स्वागत किया। शिविर का निरीक्षण करने के साथ ही उन्होंने प्रशिक्षार्थियों को स्काउटिंग के उद्देश्य, निष्ठा और सेवाभाव से जुड़े प्रेरणात्मक मार्गदर्शन दिए।
उपस्थित प्रमुख पदाधिकारी
डॉ. अजय राव – जिला मुख्य आयुक्त
श्री के.आर. कश्यप – राज्य मुख्यालय आयुक्त (स्काउट)
श्री रामाधार पटेल – कार्यवाहक जिलाध्यक्ष
श्री पीयूष मिश्रा – जिला कोषाध्यक्ष
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उद्बोधन और मार्गदर्शन
कार्यक्रम के दौरान उद्बोधन देते हुए राज्य मुख्यालय आयुक्त (स्काउट) श्री के.आर. कश्यप ने स्काउटिंग के महत्व, उसके सामाजिक योगदान और विद्यालय स्तर पर उसके विस्तार की विस्तृत जानकारी दी।
कार्यवाहक जिलाध्यक्ष श्री रामाधार पटेल ने अपने संबोधन में महानदी विभाग के लीडर ट्रेनर श्री के.आर. कश्यप एवं डॉ. जगदीश कुमार साहू को राज्य मुख्यालय में महत्वपूर्ण नियुक्ति पर बधाई देते हुए कहा कि इससे जिले में स्काउटिंग गतिविधियों के विस्तार को नई दिशा मिलेगी।
इसी क्रम में जिला कोषाध्यक्ष श्री पीयूष मिश्रा ने प्रशिक्षार्थियों से आह्वान किया कि शिविर से प्राप्त प्रशिक्षण को अपने-अपने विद्यालयों में अधिक से अधिक लागू करें, ताकि जिले का नाम राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर गौरवान्वित हो सके।
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उम्मीदें और लक्ष्य
शिविर में जिले के सैकड़ों शिक्षक प्रतिभाग कर रहे हैं। इस प्रशिक्षण के माध्यम से जिले में स्काउटिंग गतिविधियों को मजबूत आधार प्रदान करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया जा रहा है। प्रशिक्षण का उद्देश्य बालकों में नेतृत्व क्षमता, अनुशासन, सेवा-भाव एवं राष्ट्र निर्माण की भावना विकसित करना है।
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