बलौदाबाजार, 6 नवम्बर 2025।
जिला चिकित्सालय बलौदाबाजार ने मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में नया कीर्तिमान स्थापित किया है।
अक्टूबर माह में कुल 456 संस्थागत प्रसव दर्ज किए गए, जिनमें से 155 प्रसव सी-सेक्शन (शल्य प्रसव) के माध्यम से कराए गए।
यह अब तक का रिकॉर्ड स्तर है, जो दर्शाता है कि जिला अस्पताल की स्वास्थ्य सुविधाओं पर जनता का भरोसा लगातार बढ़ रहा है।
🏥 स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार का परिणाम
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. राजेश कुमार अवस्थी ने जानकारी दी कि
जिले में अक्टूबर माह के दौरान लगभग 1400 गर्भवती महिलाओं की एएनसी (Antenatal Checkup) यानी प्रसव पूर्व जांच की गई।
यह आंकड़ा यह दर्शाता है कि ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में नियमित जांच और सुरक्षित मातृत्व के प्रति जागरूकता में वृद्धि हुई है।
उन्होंने बताया कि बढ़ती प्रसव संख्या के कारण अस्पताल के मातृ एवं शिशु वार्ड पर कार्यभार भी तेजी से बढ़ा है,
जिसे देखते हुए अतिरिक्त संसाधनों, मानवबल और उपकरणों की व्यवस्था की जा रही है।
👩⚕️ बेहतर सुविधाएं और निःशुल्क सेवाएं बनीं भरोसे की वजह
सिविल सर्जन सह मुख्य अस्पताल अधीक्षक डॉ. अशोक कुमार वर्मा ने कहा कि
“जिला अस्पताल में सुरक्षित प्रसव, बेहतर चिकित्सा सुविधाएं, 24×7 उपलब्ध स्टाफ,
निःशुल्क दवाइयों और सरकार की मातृ कल्याणकारी योजनाओं के चलते
बड़ी संख्या में प्रसूताएं अब जिला चिकित्सालय की ओर रुख कर रही हैं।”
उन्होंने बताया कि यह रुझान आने वाले समय में
मातृ एवं शिशु मृत्यु दर (MMR और IMR) को कम करने में अहम भूमिका निभाएगा।
💬 जनता का बढ़ता विश्वास
ग्रामीण अंचलों से आने वाली प्रसूताओं ने बताया कि
अस्पताल में सुव्यवस्थित व्यवस्था, बेहतर देखभाल और निशुल्क सेवाओं के कारण अब
सरकारी अस्पताल में प्रसव कराना सुरक्षित और सुविधाजनक महसूस होता है।