छत्तीसगढ़ की ग्रामीण अर्थव्यवस्था में अहम भूमिका निभाने वाले छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण बैंक का नाम अब आधिकारिक रूप से बदलकर “छत्तीसगढ़ ग्रामीण बैंक” कर दिया गया है।
यह परिवर्तन भारत सरकार के राजपत्र (Gazette of India) में दिनांक 23 अक्टूबर 2025, अधिसूचना क्रमांक जी.एस.आर. 4834 (अ) के अंतर्गत प्रकाशित अधिसूचना के अनुसार प्रभावी हुआ है।
इस बदलाव के साथ बैंक ने अपना नया लोगो (New Logo) भी जारी किया है, जो आधुनिकता, विश्वसनीयता और हरित विकास का प्रतीक है।
🔹 स्थापना और इतिहास
छत्तीसगढ़ ग्रामीण बैंक (पूर्व में छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण बैंक) की स्थापना वर्ष 2013 में तीन क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों —
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छत्तीसगढ़ ग्रामीण बैंक (रायपुर)
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सरगुजा-काशी ग्रामीण बैंक (अम्बिकापुर)
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दुर्ग-राजनांदगांव ग्रामीण बैंक (दुर्ग)
के विलय (Merger) के माध्यम से की गई थी।
इसका गठन भारत सरकार, छत्तीसगढ़ सरकार एवं स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के संयुक्त उपक्रम के रूप में हुआ था।
मुख्यालय रायपुर में स्थित है, जबकि इसके क्षेत्रीय कार्यालय दुर्ग, बिलासपुर, जगदलपुर, अंबिकापुर और रायगढ़ में हैं।
🔹 बैंकिंग सेवाओं में योगदान
पिछले एक दशक में छत्तीसगढ़ ग्रामीण बैंक ने राज्य के लगभग 28 ज़िलों के 14,000 से अधिक गाँवों तक अपनी पहुँच बनाई है।
वर्तमान में बैंक के 700 से अधिक शाखाएँ (Branches) और 1,200 से अधिक बैंक मित्र (BC Agents) कार्यरत हैं।
बैंक ग्रामीण क्षेत्रों में निम्नलिखित प्रमुख सेवाएँ प्रदान करता है —
✅ किसान क्रेडिट कार्ड (KCC)
✅ प्रधानमंत्री जन धन योजना खाते
✅ प्रधानमंत्री मुद्रा योजना
✅ आत्मनिर्भर भारत ऋण योजना
✅ महिला स्व-सहायता समूह ऋण सहायता (SHG Financing)
✅ ग्राम उद्यमिता विकास परियोजनाएँ
इन योजनाओं के माध्यम से बैंक ने अब तक राज्यभर में 5 लाख से अधिक किसानों और 1.2 लाख महिला समूहों को आर्थिक सहायता प्रदान की है।
🔹 डिजिटल बैंकिंग में अग्रणी भूमिका
छत्तीसगढ़ ग्रामीण बैंक ने ग्रामीण अंचलों में डिजिटल लेनदेन और वित्तीय साक्षरता को बढ़ावा देने में उल्लेखनीय कार्य किया है।
बैंक ने हाल के वर्षों में निम्नलिखित डिजिटल सुविधाएँ प्रारंभ की हैं —
💳 माइक्रो एटीएम एवं AePS सेवा: आधार आधारित नकद निकासी एवं बैलेंस जांच सुविधा।
📱 मोबाइल बैंकिंग ऐप: CGGB mBanking App के माध्यम से बैलेंस चेक, फंड ट्रांसफर और बिल पेमेंट की सुविधा।
💻 नेट बैंकिंग पोर्टल: छोटे व्यवसायों एवं सरकारी विभागों के लिए ऑनलाइन ट्रांजेक्शन की सुविधा।
📈 UPI और QR आधारित भुगतान प्रणाली: ग्रामीण बाजारों में छोटे व्यापारियों को कैशलेस भुगतान के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।
🔹 नाम परिवर्तन का उद्देश्य
बैंक प्रबंधन के अनुसार, नाम में “राज्य” शब्द हटाकर “छत्तीसगढ़ ग्रामीण बैंक” करने का उद्देश्य सरलता और एकरूपता लाना है, ताकि बैंक का नाम ग्रामीण बैंकिंग की भावना और क्षेत्रीय पहचान को बेहतर तरीके से दर्शा सके।
बैंक के अनुसार,
“यह परिवर्तन केवल नाम का नहीं, बल्कि हमारी सेवाओं की दिशा और दृष्टिकोण का भी प्रतीक है — अधिक सुलभ, सरल और आधुनिक बैंकिंग के लिए।”
🔹 नया लोगो – नई पहचान
बैंक के पुराने लोगो (CRGB) की जगह नया लोगो अपनाया गया है, जिसमें नीले और हरे रंग के शेड्स से बना हुआ पत्ते का प्रतीक विकास, स्थिरता और हरित प्रगति का संकेत देता है।
यह प्रतीक बैंक के ग्रामीण विकास, सतत अर्थव्यवस्था और पर्यावरणीय संतुलन की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
🔹 बैंक का भविष्य दृष्टिकोण
बैंक अब राज्य के हर पंचायत तक अपनी उपस्थिति बढ़ाने की दिशा में कार्यरत है।
2026 तक सभी शाखाओं को 100% डिजिटल सेवा मॉडल में बदलने का लक्ष्य रखा गया है।
बैंक का फोकस अब वित्तीय समावेशन, डिजिटल साक्षरता और महिला सशक्तिकरण पर केंद्रित है।
“नाम और लोगो बदलने के बावजूद हमारी प्राथमिकता वही रहेगी — ग्रामीण जनता की पहुंच में आधुनिक बैंकिंग सुविधाएँ पहुँचाना। हमारा वादा है कि भरोसा और सेवा की परंपरा पहले की तरह जारी रहेगी।”