छत्तीसगढ़ भारतमाला घोटाला: डिप्टी कलेक्टर, तहसीलदार और पाँच अधिकारियों की अग्रिम जमानत याचिकाएं खारिज, संपत्ति कुर्क करने का आदेश

TEJASWI NATH SONI

November 20, 2025

रायपुर। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने भारतमाला परियोजना से जुड़े बहुचर्चित मुआवजा घोटाले में फंसे राजस्व अधिकारियों को बड़ी राहत देने से इनकार कर दिया है। चीफ जस्टिस रमेशचंद्र सिन्हा की पीठ ने मंगलवार को सुनवाई करते हुए डिप्टी कलेक्टर, तहसीलदार सहित पाँच अधिकारियों की अग्रिम जमानत याचिकाएं खारिज कर दीं।

अदालत ने कहा कि यह मामला गंभीर आर्थिक अनियमितताओं और भ्रष्टाचार से जुड़ा है। जब तक जांच पूरी नहीं हो जाती, आरोपियों को किसी भी प्रकार की अंतरिम राहत नहीं दी जा सकती।


35 करोड़ का मुआवजा घोटाला — 8 हजार पन्नों की चार्जशीट

यह प्रकरण रायपुर–विशाखापट्टनम भारतमाला प्रोजेक्ट से संबंधित है, जिसमें लगभग 35 करोड़ रुपये के मुआवजे में गड़बड़ी का आरोप है।
इसी मामले में ईओडब्ल्यू (EOW) ने 8 हजार पन्नों की विस्तृत चार्जशीट न्यायालय में पेश की है।

अदालत ने माना कि प्रस्तुत साक्ष्य और जांच की प्रकृति आरोपियों के विरुद्ध गंभीर अपराधों की ओर संकेत करती है, इसलिए अग्रिम जमानत का कोई आधार नहीं बनता।


कई आरोपी अब भी फरार, हाईकोर्ट ने घोषित किया भगोड़ा

हाईकोर्ट ने कहा कि अनेक आरोपी पुलिस गिरफ्त से बाहर हैं और लगातार फरारी काट रहे हैं।
न्यायालय ने इन आरोपियों को ‘भगोड़ा’ घोषित करते हुए राज्य पुलिस व ईओडब्ल्यू को गिरफ्तारी तेज करने के निर्देश दिए हैं।


अधिकारियों की संपत्ति कुर्की की प्रक्रिया तेज

डिप्टी कलेक्टर, तहसीलदार और अन्य अधिकारियों की चल-अचल संपत्तियों को कुर्क करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।
कुर्की आदेश लागू होते ही इनके बैंक खाते, जमीनें और अन्य वित्तीय संपत्तियाँ राजसात की जाएंगी।


शराब घोटाले से जुड़ी कार्रवाई भी जारी

भारतमाला मामले के साथ ही शराब घोटाला प्रकरण में भी बड़ी कार्रवाई सामने आई है।
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के पुत्र चैतन्य बघेल की करीब 61 करोड़ की संपत्ति कुर्क की गई है।
अन्य संबंधित आरोपी अभी भी पुलिस गिरफ्त से बाहर हैं और उनकी तलाश जारी है।

हाईकोर्ट का यह निर्णय प्रशासनिक भ्रष्टाचार और बड़े वित्तीय अपराधों पर सख्त रुख को दर्शाता है। अदालत ने स्पष्ट किया है कि ऐसी अनियमितताओं में शामिल किसी को भी राहत नहीं मिलेगी और दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।

सह संपादक

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