कोरबा। छत्तीसगढ़ ड्राइवर महासंगठन के प्रदेश संगठन मंत्री माखन लाल नेताम के नेतृत्व में आज कोरबा जिले के पाली ब्लॉक अंतर्गत हरदी बाजार से बलौदा मार्ग पर “महाबंद–महाअभियान” के तहत ड्राइवर जागरूकता अभियान चलाया गया। इस अभियान में बड़ी संख्या में संगठन पदाधिकारी और चालक भाई शामिल हुए।
अभियान के दौरान माखन लाल नेताम ने कहा कि —
“हमारे सभी ड्राइवर भाई अपने हक की लड़ाई में एकजुट रहें। जब तक हम सब साथ नहीं आएंगे, तब तक हमारी मांगे पूरी नहीं होंगी। संगठन की मजबूती ही हमारे अधिकारों की कुंजी है।”
ड्राइवर महासंगठन के पदाधिकारियों — प्रदेशाध्यक्ष प्रीतम सेन, जिलाध्यक्ष गुड्डू भइया, उपाध्यक्ष कृपादास, सचिव तामेश्वर जायसवाल, ब्लॉक प्रभारी महेंद्र कश्यप, ब्लॉक अध्यक्ष बसंत पटेल, उपाध्यक्ष शिव महंत, सचिव सुनील बंजारे, सह सचिव शनिराम रोहिदास, कोषाध्यक्ष अजय पटेल, मीडिया प्रभारी शैलेन्द्र कुमार, और संगठन मंत्री सुनील पटेल ने एक सुर में कहा कि —
“एकता में ही शक्ति है, संगठन अगर एकजुट रहेगा तो हमारी आवाज शासन तक पहुंचेगी और हमारी मांगे जरूर पूरी होंगी।”
कार्यक्रम के दौरान संगठन के पदाधिकारियों ने सभी ड्राइवर भाइयों से सड़क सुरक्षा के नियमों का पालन करने की अपील भी की। उन्होंने कहा —
> “शराब पीकर वाहन न चलाएं, सीट बेल्ट लगाएं और ट्रैफिक नियमों का पालन करें। इससे आप खुद भी सुरक्षित रहेंगे और दूसरे भी सुरक्षित रहेंगे।”
संगठन ने यह भी घोषणा की कि अगर सरकार ने उनकी मांगें पूरी नहीं कीं, तो 25 अक्टूबर 2025 से पूरे प्रदेश में अनिश्चितकालीन हड़ताल की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट कहा कि “यदि इस दौरान कोई अप्रिय घटना होती है, तो उसकी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।”
संगठन ने यह भी बताया कि ओडिशा सरकार ने पहले ही कई मांगें स्वीकार कर ली हैं, अब बारी छत्तीसगढ़ सरकार की है।
—
🔶 छत्तीसगढ़ ड्राइवर महासंगठन की प्रमुख मांगे:
1️⃣ राज्य में पूर्ण शराबबंदी लागू की जाए।
2️⃣ ड्राइवर सुरक्षा कानून बनाया जाए।
3️⃣ ड्राइवर वेलफेयर बोर्ड का गठन हो।
4️⃣ कमर्शियल लाइसेंस धारकों के लिए बीमा की सुविधा हो।
5️⃣ दुर्घटना में मृत्यु होने पर ₹10 लाख मुआवजा दिया जाए।
6️⃣ दुर्घटना में अपंगता की स्थिति में ₹5 लाख की सहायता हो।
7️⃣ ड्राइवर हेल्थ कार्ड जारी किया जाए, जिसमें ₹10 लाख तक इलाज की सुविधा हो।
8️⃣ 55 वर्ष की आयु पूरी होने पर ड्राइवर को पेंशन दी जाए।
9️⃣ ड्राइवरों के बच्चों को शिक्षा और नौकरी में आरक्षण दिया जाए।
10️⃣ हर जिले में ड्राइवर स्मारक का निर्माण किया जाए।
11️⃣ ड्राइवरों के साथ मारपीट, लूट या अभद्रता करने वालों को 5 वर्ष की सजा का प्रावधान हो।
—
ड्राइवर महासंगठन ने प्रदेश के सभी ड्राइवर भाइयों से अपील की है कि वे इस आंदोलन में जुड़ें और अपने हक की लड़ाई में साथ दें।
“जब तक हक नहीं मिलेगा, चक्का नहीं घुमेगा!” — यही नारा गूंजा महाअभियान के दौरान।