45 दिन बाद भी नहीं हुई कार्रवाई, सतनामी समाज ने सौंपा पुनः स्मरण पत्र**
बलौदाबाजार। गिरौदपुरी स्थित विशाल जैतखाम की जर्जर अवस्था और लगातार जारी उपेक्षा को लेकर सतनामी समाज ने एक बार फिर लोक निर्माण विभाग, कसडोल के अनुविभागीय अधिकारी को पुनः स्मरण पत्र सौंपा है। समाज ने स्पष्ट कहा कि पहली शिकायत को 45 दिन बीत चुके हैं, लेकिन आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है, जिसके चलते अब आंदोलन का रास्ता अपनाने की चेतावनी दी जा रही है।
जैतखाम की हालत चिंताजनक—कागज़ों में जिर्णोद्धार पूरा, वास्तविकता में अधूरा
सतनामी समाज द्वारा दिए गए पत्र में बताया गया है कि जैतखाम के ग्राउंड फ्लोर से लेकर टॉप फ्लोर तक जिर्णोद्धार कार्य और रंगाई–पुताई सिर्फ कागज़ों में पूरी दिखा दी गई है, जबकि जमीन पर वास्तविकता बिल्कुल विपरीत है।
जैतखाम के कई हिस्सों में—
दीवारों में दरारें,
टूटे दरवाजे–खिड़कियाँ,
उखड़ा प्लास्टर,
लोहे की दिखती छड़ें
सुरक्षा के लिहाज़ से बेहद गंभीर स्थिति दर्शाती हैं।
विद्युत व्यवस्था वर्षो से खराब, सफाई बदहाल, CCTV का अभाव
आवेदन में बताया गया कि—
जैतखाम की अंडरग्राउंड वायरिंग लंबे समय से खराब है
केवल ट्यूबलाइट के सहारे भी कामचलाऊ व्यवस्था चल रही है
सफाई व्यवस्था पूरी तरह अव्यवस्थित है
गुटखा थूकने व नाम लिखने की घटनाएँ बढ़ रही हैं
CCTV कैमरे न होने से शरारती तत्वों पर रोकथाम असंभव है
शौचालय की व्यवस्था न होने से गैलरी में लोगों द्वारा मूत्र त्याग किया जा रहा है, जिससे लगातार दुर्गंध फैल रही है
मधुमक्खी के बड़े छत्ते से संभावित खतरा—नियमित झंडारोहण की भी मांग
सतनामी समाज ने बताया कि जैतखाम के भीतर बने मधुमक्खी के बड़े छत्ते से किसी भी समय बड़ी दुर्घटना हो सकती है।
साथ ही, यहाँ नियमित झंडा व्यवस्था सुनिश्चित करने की भी आवश्यकता बताई गई है।
सरकारी उदासीनता पर समाज की कड़ी नाराज़गी—जिम्मेदारी तय करने की मांग
पहले दिए गए आवेदन के 45 दिन बाद भी कोई कार्रवाई न होने पर समाज ने कड़ी नाराज़गी व्यक्त की और कहा कि:
जिर्णोद्धार और रंगाई–पुताई का सही कार्य ,सफाई ,विद्युत व्यवस्था, सुरक्षा, CCTV इंस्टालेशन,नियमित देखरेख तत्काल सुनिश्चित की जाए।
वरिष्ठ जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों को भी भेजी गई प्रतिलिपि
इस महत्वपूर्ण धार्मिक एवं सामाजिक धरोहर की स्थिति सुधारने हेतु ज्ञापन की प्रतिलिपि—राज्य सरकार के मंत्रियों, विधायकों, सांसदों, लोक निर्माण विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों, कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक को भी भेजी गई है, ताकि विषय पर त्वरित संज्ञान लिया जा सके।