गरियाबंद जिले में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की मूर्ति को खंडित करने से ग्रामीणों में आक्रोश, कार्रवाई की मांग,
गरियाबंद:- गरियाबंद जिले के फिंगेश्वर ब्लॉक स्थित ग्राम जेन्जरा में अज्ञात व्यक्ति द्वारा राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की मूर्ति को खंडित करने की घटना ने ग्रामीणों में गहरी नाराजगी और आक्रोश पैदा कर दिया है। यह घटना ग्राम पंचायत द्वारा स्थापित गांधी चौक पर हुई, जहां 2019 में महात्मा गांधी की मूर्ति का अनावरण किया गया था।
जेन्जरा गांव के गांधी चौक में स्व. रघुनाथ साहू की स्मृति में महात्मा गांधी की मूर्ति स्थापित की गई थी। उस समय राज्य के प्रथम पंचायत और ग्रामीण विकास मंत्री अमितेश शुक्ल ने इस मूर्ति का अनावरण किया था। यह चौक गांव के लोगों के लिए न केवल गांधीजी की यादों का प्रतीक था, बल्कि वे यहां गांधी जयंती मनाकर और राष्ट्रपिता के सिद्धांतों के प्रति अपनी आस्था प्रकट करते थे।
बीते रात अज्ञात व्यक्ति द्वारा महात्मा गांधी की मूर्ति को खंडित कर दिया गया। इस घटना के बाद से ग्रामवासी काफी आक्रोशित हैं और उन्होंने प्रशासन से जल्द से जल्द कार्रवाई की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि यह सिर्फ एक मूर्ति का नुकसान नहीं है, बल्कि यह उनके आदर्शों और श्रद्धा का अपमान भी है।
राजिम के पूर्व विधायक अमितेश शुक्ला ने इस कृत्य की कड़ी निंदा, दोषी के खिलाफ हो कड़ी कार्यवाही,
राजिम के पूर्व विधायक अमितेश शुक्ल ने भी इस घटना की निंदा करते हुए कहा कि महात्मा गांधी के सिद्धांतों और आदर्शों के साथ खिलवाड़ करना समाज के लिए अस्वीकार्य है। उन्होंने दोषी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है, ताकि ऐसे कृत्य को रोकने के लिए एक सख्त संदेश जाए।
स्थानीय लोगों ने की कड़ी कार्यवाही की मांग,
स्थानीय लोगों का कहना है कि इस घटना से गांधीजी के प्रति उनकी आस्था और श्रद्धा को गहरी ठेस पहुंची है, और वे चाहते हैं कि प्रशासन जल्द से जल्द दोषी को गिरफ्तार कर उसे कड़ी सजा दिलाए। ग्रामवासियों का यह भी कहना है कि इस कृत्य से समाज में गलत संदेश जा सकता है, और गांधीजी के आदर्शों का अपमान बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।
प्रशासन जांच में जुटी,
प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है और अधिकारियों का कहना है कि दोषी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस घटना के बाद से पूरे गांव के लोग एकजुट होकर इस घटना की निंदा कर रहे हैं।
इस घटना ने महात्मा गांधी के सिद्धांतों और उनके योगदान के महत्व को लेकर समाज में एक बार फिर चर्चा शुरू कर दी है। अब यह देखना होगा कि प्रशासन इस मामले में कितनी तत्परता से कार्रवाई करता है और इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए क्या कदम उठाता है।