कुसमी, पलारी विकास खंड के ग्राम कुसमी में 13 अक्टूबर को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष संघ यात्रा के शुभ अवसर पर कुसमी मंडल में एकत्रीकरण एवं उत्सव कार्यक्रम उत्साह, अनुशासन और राष्ट्रभाव से ओत-प्रोत वातावरण में संपन्न हुआ। यह आयोजन स्थानीय स्वयंसेवकों के लिए संगठनशक्ति और सेवा-भाव का प्रेरणास्रोत बना।
कार्यक्रम में कुल 28 स्वयंसेवक उपस्थित रहे, जिनमें 16 स्वयंसेवक पूर्ण गणवेश (गणेश धारी) में थे। ध्वज वंदन और प्रार्थना के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। स्वयंसेवकों ने दंडयात्रा, योगाभ्यास, घोष वादन एवं विविध शाखा क्रियाएँ प्रस्तुत कर अपनी अनुशासनबद्धता और समर्पण का परिचय दिया।
मुख्य अतिथि के रूप में श्री पूरन जायसवाल जी ने संघ के आदर्शों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का शताब्दी वर्ष समाज में संगठन, सेवा और संस्कार की निरंतर यात्रा का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि संघ समाज के प्रत्येक वर्ग को राष्ट्रहित में जोड़ने का कार्य कर रहा है।
मुख्य वक्ता श्री तुलेंद्र वर्मा जी ने अपने प्रेरक संबोधन में कहा कि संघ की प्रत्येक शाखा समाज निर्माण की प्रयोगशाला है, जहाँ चरित्र, अनुशासन और सेवा की भावना का विकास होता है। उन्होंने स्वयंसेवकों से आह्वान किया कि वे समाज में सद्भाव, समरसता और एकता का संदेश फैलाएँ और सेवा कार्यों को गति दें।
कार्यक्रम के अंत में संघ प्रार्थना के साथ आयोजन का समापन हुआ। उपस्थित स्वयंसेवकों ने “भारत माता की जय” और “जय श्रीराम” के जयघोष से वातावरण को देशभक्ति की गूंज से भर दिया।
इस अवसर पर कुसमी मंडल के विभिन्न कार्यकर्ता एवं नागरिक भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में संगठन की एकता, अनुशासन और राष्ट्रनिष्ठा का अद्भुत संगम देखने को मिला।
बहुत अच्छा प्रयास