ऑपरेशन सिंदूर ड्रोन खतरे से निपटने भारतीय सेना का बड़ा कदम

SARJU PRASAD SAHU

September 8, 2025

नई दिल्ली-: पाकिस्तान की ओर से लगातार बढ़ते ड्रोन हमलों के खतरे को देखते हुए भारतीय सेना ने अब उत्तरी और पश्चिमी सीमाओं पर अपनी हवाई निगरानी और सुरक्षा को और मजबूत करने का निर्णय लिया है। सेना ने आधुनिक एडवांस रडार सिस्टम स्थापित करने की तैयारी की है, जो सीमा पार से आने वाले ड्रोन और हवाई खतरों को न केवल ट्रैक करेगा बल्कि उन्हें हवा में ही ध्वस्त भी कर सकेगा।

🔹 आकाशतीर से होगा इंटीग्रेशन

सेना की योजना इन नए रडार सिस्टम्स को देश में विकसित ‘आकाशतीर’ एयर डिफेंस नेटवर्क से जोड़ने की है। आकाशतीर एक अत्याधुनिक स्वचालित वायु रक्षा नियंत्रण प्रणाली है, जो हवाई हमलों को रियल टाइम में ट्रैक कर त्वरित कार्रवाई करने की क्षमता रखती है। इसके साथ एडवांस रडार के जुड़ जाने से सेना को दुश्मन के ड्रोन और हवाई खतरों की तुरंत पहचान और जवाबी कार्रवाई में मदद मिलेगी।

 

👉 नए रडार और डिटेक्शन सिस्टम की खरीद भारतीय सेना ने इसके लिए बड़े पैमाने पर खरीद प्रस्ताव जारी किए हैं।

45 लो-लेवल लाइट वेट रडार (LLLWR) – ये रडार कम ऊंचाई पर उड़ने वाले ड्रोन और हवाई वाहनों को पकड़ने में सक्षम होंगे।

48 एयर डिफेंस फायर कंट्रोल रडार-ड्रोन डिटेक्टर्स – ये रडार न केवल ड्रोन की पहचान करेंगे बल्कि उन्हें मार गिराने की प्रक्रिया को भी नियंत्रित करेंगे।

🔹 ड्रोन खतरा क्यों बढ़ा?

हाल के दिनों में ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान की तरफ से सीमा क्षेत्र में बार-बार ड्रोन हमले किए गए। इन ड्रोन का इस्तेमाल हथियारों और गोला-बारूद की सप्लाई जासूसी और सीमा पर अस्थिरता फैलाने के लिए किया जा रहा था इसी खतरे को देखते हुए सेना ने ड्रोन-रोधी तकनीक पर विशेष ध्यान देना शुरू किया है।

🔹 विशेषज्ञों की राय रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि भविष्य की लड़ाइयाँ ड्रोन और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर आधारित तकनीकों से लड़ी जाएंगी। ऐसे में भारतीय सेना का यह कदम न केवल मौजूदा खतरे को टालने के लिए बल्कि आने वाले वर्षों में हवाई सुरक्षा को पूरी तरह आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में भी बड़ा कदम है।

🔹 ऑपरेशन सिंदूर की मजबूती

ऑपरेशन सिंदूर अब अत्याधुनिक निगरानी प्रणाली और स्वदेशी तकनीक की ताकत से और अधिक मजबूत हो गया है। इससे भारत की सीमाएँ दुश्मन की हर हरकत पर पैनी नज़र रख सकेंगी और किसी भी हवाई हमले का तुरंत जवाब देने में सक्षम होंगी।

📌 निष्कर्ष:

भारतीय सेना की यह तैयारी दर्शाती है कि अब देश केवल रक्षात्मक भूमिका में नहीं बल्कि सक्रिय और जवाबी रणनीति के साथ सीमा सुरक्षा को और मजबूत करने की ओर बढ़ रहा है।

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5 thoughts on “ऑपरेशन सिंदूर ड्रोन खतरे से निपटने भारतीय सेना का बड़ा कदम”

  1. धन्यवाद हमारे इंडियन फोर्स को जो प्रधानमंत्री जी ने ऑपरेशन सिंदूर चलाएं हैं चलने वाले हैं और इस वर्ष ऑपरेशंस सिंदूर बहुत महत्वपूर्ण कार्य किए हैं

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  2. ऐसी खबरें पढ़कर विश्वास बढ़ता है कि बदलाव संभव है 🌱

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