अंतरराज्यीय ट्रेडिंग फ्रॉड गैंग का रायगढ़ पुलिस ने किया भंडाफोड़

TEJASWI NATH SONI

November 25, 2025

रायगढ़,  साइबर अपराधों पर लगातार सख्त कार्रवाई करते हुए रायगढ़ पुलिस ने एक बड़े ऑनलाइन ट्रेडिंग फ्रॉड का पर्दाफाश करते हुए अंतरराज्यीय ठगी गिरोह के चार आरोपियों को श्रीनगर (जम्मू–कश्मीर) से गिरफ्तार किया है। यह गैंग देशभर में शेयर ट्रेडिंग के नाम पर करोड़ों की ठगी कर चुका है। पुलिस अधीक्षक दिव्यांग कुमार पटेल के नेतृत्व में की गई इस कार्रवाई को बड़ी सफलता माना जा रहा है।

 

 

 

📌 यूट्यूब विज्ञापन से शुरू हुआ फ्रॉड, उद्योगकर्मी से 1.08 करोड़ की ठगी

 

ढिमरापुर निवासी एक उद्योगपति दंपत्ति ने यूट्यूब पर शेयर ट्रेडिंग का विज्ञापन देखकर एक लिंक पर संपर्क किया।

खुद को “यूके इंडिया चैनल” से जुड़ा बताने वाले कॉलर ने:

 

मोबाइल ऐप डाउनलोड कराया

 

शुरुआती निवेश कराया

 

बड़ी कमाई दिखाकर लगातार राशि जमा करवाई

 

 

20 मई से 30 अगस्त 2025 के बीच दंपत्ति ने 1,08,44,025 रुपये विभिन्न खातों में ट्रांसफर कर दिए।

 

राशि का ग्राफ बढ़ाकर ऐप में 42 करोड़ रुपये दिखाया गया और निकासी के लिए 5 लाख रुपये “ब्रोकरेज शुल्क” भी वसूला गया।

इसके बाद कॉलर ने संपर्क बंद कर दिया।

पीड़ित ने 7 सितंबर को थाना सिटी कोतवाली में अपराध दर्ज कराया।

 

 

 

📌 देशभर में 200 से अधिक शिकायतें, 10 करोड़ से ज्यादा का अवैध लेनदेन उजागर

 

पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि:

 

गैंग ने अब तक 200 से अधिक साइबर फ्रॉड किए

 

10 करोड़ रुपये से अधिक के अवैध लेनदेन का पता चला

 

कई राज्यों में शिकायतें लंबित

 

 

 

 

📌 श्रीनगर में दबिश—गिरोह का मास्टरमाइंड यासीर शॉफी सहित 4 गिरफ्तार

 

साइबर सेल ने बैंक खातों और मोबाइल नंबरों की तकनीकी जांच की।

पता चला कि पीड़ित के 32.50 लाख रुपये श्रीनगर निवासी यासीर शॉफी चारलू के खाते में गए।

 

सीएसपी मयंक मिश्रा और डीएसपी साइबर अनिल विश्वकर्मा के नेतृत्व में टीम ने श्रीनगर में दबिश दी और निम्न आरोपियों को गिरफ्तार किया:

 

गिरफ्तार आरोपी

 

1. यासीर शॉफी चारलू, उम्र 23 वर्ष

 

 

2. साकीब फारूखदार, उम्र 24 वर्ष

 

 

3. मेहराजुद्दीन असाई, उम्र 57 वर्ष

 

 

4. अर्शलन अफाक, उम्र 21 वर्ष

 

 

 

यासीर से पूछताछ में रकम मेहराज को ट्रांसफर किए जाने की पुष्टि हुई, जिसके बाद पूरा गैंग पकड़ में आया।

 

 

 

📌 कई धाराएँ जोड़ी गईं, इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य जब्त

 

गिरोह की अंतरराज्यीय गतिविधि और साइबर धोखाधड़ी को देखते हुए प्रकरण में निम्न धाराएँ जोड़ी गईं:

 

धारा 111 बीएनएस

 

धारा 3(5) बीएनएस

 

आईटी एक्ट की धारा 66(D)

साथ ही गैंग के चार मोबाइल फोन पुलिस ने जप्त किए हैं।

 

 

 

 

📌 पीड़ित की पूरी राशि वापस दिलाने की प्रक्रिया शुरू

 

पुलिस ने जांच में पाया कि पीड़ित के 1.08 करोड़ रुपये इन्हीं खातों में जमा हुए थे।

राशि की रिकवरी प्रक्रिया आरंभ कर दी गई है।

 

 

 

📌 एसपी दिव्यांग पटेल ने चेताया: “लुभावने विज्ञापनों से बचें, किसी भी निवेश से पहले जांच अनिवार्य”

 

एसपी पटेल ने आम नागरिकों से अपील की है:

 

किसी भी अनजान लिंक, ऐप या विज्ञापन पर भरोसा न करें

 

भारी मुनाफे का झांसा हमेशा धोखे की ओर संकेत करता है

 

निवेश से पहले कंपनी और प्लेटफ़ॉर्म की जांच अवश्य करें

 

साइबर अपराध की सूचना तुरंत पुलिस या साइबर हेल्पलाइन में दें

 

 

 

 

📌 विशेष टीम की सराहनीय भूमिका

 

इस जटिल केस को सुलझाने में निम्न अधिकारियों/कर्मचारियों का विशेष योगदान रहा:

 

सीएसपी मयंक मिश्रा

 

डीएसपी साइबर अनिल विश्वकर्मा

 

टीआई सुखनंदन पटेल

 

निरीक्षक नासिर खान व अन्य पुलिसकर्मी

 

श्रीनगर साइबर थाना प्रभारी इंस्पेक्टर रियाज़ अहमद एवं टीम

सह संपादक

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